भरतपुर के एक सरकारी हॉस्टल में 16 साल के स्टूडेंट ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। वह साइंस (बायोलॉजी) का स्टूडेंट था। चार दिन बाद 13 फरवरी को उसके 12वीं बोर्ड (RPSE) के एग्जाम शुरू होने वाले थे। मामला मथुरा गेट थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह का है। सुबह जब रसोइया एक स्टूडेंट के साथ उसे नाश्ता देने के लिए गया तो फंदे से शव लटका देखा। हॉस्टल मैनेजमेंट ने बताया कि छात्र रविवार को ही अपने घर से आया था। दो साल से रह रहा था हॉस्टल में छात्रावास सुपरिटेंडेंट ने बताया- स्टूडेंट रूदावल थाना क्षेत्र का रहने वाला था। 11वीं क्लास में उसने हॉस्टल में एडमिशन लिया था। वह दो साल से हॉस्टल में रह रहा था। वह शहर के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहा था। अधिकारियों ने बताया कि वह रविवार को ही अपने घर से आया था। रविवार रात 8 बजे खाना खाया और 10 बजे तक वह पढ़ रहा था। रात में हॉस्टल के स्टूडेंट्स के साथ ही था। यहां सभी से बातचीत की। इसके बाद वह सोने चला गया। आज सुबह करीब 6:30 बजे चौकीदार को उठाने गया तो उसने गेट नहीं खोला। इसके बाद रसोइया और एक छात्र उसे नाश्ता देने के लिए गए थे। स्टूडेंट के रूम का गेट खटखटाया तो उसने नहीं खोला। तीन से चार बार गेट को धक्का दिया, लेकिन गेट नहीं खुला तो रसोइया के साथ आए छात्र ने लात मारकर गेट को तोड़ा। नाबालिग पंखे पर फंदे से लटका हुआ मिला। उसने बेडशीट से फंदा बनाया था। हॉस्टल अधीक्षक ने बताया कि नाबालिग सात-आठ दिन से हॉस्टल में नहीं था। वह जिस हॉल में रहता था, उसमें 14 स्टूडेंट रहते हैं। स्टूडेंट के साथ उसका चचेरा भाई भी रहता है। रविवार होने की वजह से हॉस्टल के ज्यादातर स्टूडेंट अपने दोस्तों के यहां चले गए थे। मृतक के चाचा का लड़का भी अपने दोस्तों के साथ हॉस्टल के दूसरे कमरे में था। नाबालिग रात में अकेला ही था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि उसने रात में ही फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। हालांकि अभी तक सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
