डिग्गी में मिला ढाई महीने की मासूम का शव:सुबह मां को बिस्तर पर नहीं मिली, पेटिंग के काम से बाहर गया था पिता – Mewar App

डिग्गी में मिला ढाई महीने की मासूम का शव:सुबह मां को बिस्तर पर नहीं मिली, पेटिंग के काम से बाहर गया था पिता

ढाई महीने की मासूम का शव घर के अंदर बनी पानी की डिग्गी में मिला। सुबह उठने पर घरवालों को बच्ची दिखाई नहीं दी तो खोज शुरू की। इस दौरान घर में बनी पानी की डिग्गी का ढक्कन आधा खुला देखा और पास ही में बच्ची के कपड़े पड़े थे। जब डिग्गी के अंदर देखा तो बच्ची का शव पानी में पड़ा था। मामला श्रीगंगानगर जिले के घड़साना थाना क्षेत्र के गांव 9 एमडी सतराना का है। एसएचओ देवीलाल ने बताया- 16 जनवरी को 9 एमडी सतराना के मदनलाल ने थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि 15 जनवरी की रात को मेरे बड़े बेटे हरीश की पत्नी और उसकी ढाई महीने की बेटी अंजना अपने कमरे में सो रहे थे। सुबह 4:30 बजे जब बहू की आंख खुली तो देखा कि पास में मेरी पोती अंजना नहीं है। जबकि रात में दूध पिलाकर उसने उसे अपने पास ही सुलाया था। पानी की डिग्गी में मिला शव
दादा ने बताया-हरीश की पत्नी परिवार के सभी लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जब बच्ची खोजबीन शुरू की तो वह कहीं नहीं मिली। इसके बाद जब घर आंगन में बनी पानी की डिग्गी को देखा तो उसका आधा ढक्कन खुला हुआ था। पास में ही बच्ची के कपड़े पड़े थे। जब ढक्कन को खोलकर देखा तो अंजना का शव पानी में पड़ा था। जिसे फौरन बाहर निकाला। घटना की सूचना मिलने पर डिप्टी एसपी प्रशांत कौशिक और एसएचओ देवीलाल मौके पर पहुंचे। इसके बाद शव को अस्पताल की मोर्च्युरी में रखवा दिया। पेटिंग के काम से बाहर गया था पिता
मोहनलाल ने बताया- मेरे तीन बेटे हैं। बड़ा बेटा हरीश और उससे छोटा बेटा पेटिंग का काम करते हैं। हरीश पेंटिंग के काम के सिलसिले में बाहर गया था। जबकि सबसे छोटा बेटा पशु चिकित्सक है। जांच में जुटी पुलिस
एसएचओ देवीलाल ने बताया- मृतक अंजना के दादा ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौॆंप दिया। … यह भी पढ़े मां ने बेटे-बेटी के गले में कील घोंपकर मारा था:बच्चों के साथ रील बनाने का था शौक, पड़ोसी पहुंचे तो गला पकड़कर तड़प रही थी भीलवाड़ा जिले के मांडलगढ़ में कैंसर से परेशान मां ने अपने जिगर के टुकड़ों की टेंट गाड़ने वाली नुकीली कील (सरिए) से गले पर वार कर जान ले ली। वह तब तक कील घोंपती रही, जब तक दोनों बच्चों ने दम नहीं तोड़ दिया। दोनों को मारकर पति को कॉल किया और खुद भी जहर खा लिया। पड़ोसी जैसे-तैसे छत के रास्ते से होते हुए घर में दाखिल हुए तो फर्श पर खून बिखरा था। बेटी-बेटे के शव के पास मां अपना गला पकड़ कर तड़प रही थी। (पढ़ें पूरी खबर)