नकली-दूध को असली बताया, खाद्य-सुरक्षा अधिकारी APO, 2 कॉन्स्टेबल सस्पेंड:डीएसटी टीम ने की थी जांच; सोड़ा-तेल से ​रोजाना बना रहे थे 80 हजार लीटर दूध – Mewar App

नकली-दूध को असली बताया, खाद्य-सुरक्षा अधिकारी APO, 2 कॉन्स्टेबल सस्पेंड:डीएसटी टीम ने की थी जांच; सोड़ा-तेल से ​रोजाना बना रहे थे 80 हजार लीटर दूध

टोंक जिले के डिग्गी कस्बे में नकली दूध बनाने की फैक्ट्री पकड़े जाने के मामले में खाद्य सुरक्षा अधिकारी और 2 कॉन्स्टेबल पर मंगलवार शाम को कार्रवाई हुई है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन लाल गुर्जर को जयपुर मुख्यालय से APO किया गया है, जबकि डिग्गी थाने के दो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई डिग्गी में पकड़ी गई नकली दूध फैक्ट्री से जुड़ी भूमिका और लापरवाही के आधार पर की गई है। दरअसल, 2 जनवरी को डीएसटी और डिग्गी थाना पुलिस ने मिलावटी दूध बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। मौके से करीब 5500 लीटर मिलावटी दूध, 5 पिकअप और दूध का एक टैंकर सहित भारी मात्रा में केमिकल जब्त किया है। पुलिस की जिला स्पेशल टीम (DST) ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन लाल गुर्जर को भी मौके पर बुलाया गया था। खाद्य सुरक्षा अधिकारी को APO विभागीय जानकारी के अनुसार फूड सेफ्टी ऑफिसर मदन लाल गुर्जर ने फैक्ट्री पर डीएसटी की कार्रवाई से करीब 10-11 दिन पहले दूध के 3-4 सैंपल लिए थे। जांच प्रक्रिया के तहत हर महीने सैंपल लेकर लैब में परीक्षण कराया जाता है। बताया जा रहा है कि अंतिम सैंपल की रिपोर्ट में दूध को मानक के अनुरूप सही बताया गया था। हालांकि स्थानीय स्तर पर यह आरोप भी सामने आए हैं कि पहले भी कई बार सैंपल लेने के बावजूद मिलावटी दूध को शुद्ध बताकर पास किया गया। इसी बीच जब डीएसटी ने छापेमारी की तो मौके से बड़ी मात्रा में नकली दूध, सोयाबीन ऑयल, वनस्पति घी, दूध पाउडर और केमिकल बरामद हुए। इससे सैंपल रिपोर्ट और जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े हो गए। कार्रवाई को उच्च अधिकारियों ने गंभीरता से लिया। बताया जाता है कि छापे की रात करीब 2 बजे डीएसटी टीम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी मदन लाल गुर्जर को मौके पर बुलाया और पूरी स्थिति से अवगत कराया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए 11 फरवरी को जयपुर मुख्यालय ने मदन लाल गुर्जर को APO कर दिया। विभागीय आदेश में कारण “प्रशासनिक” बताया गया है, लेकिन मिलावटी दूध को सही बताने के प्रकरण को ही इस कार्रवाई की मुख्य वजह माना जा रहा है। वही, प्राथमिक जांच में सामने आया कि क्षेत्र में इतनी बड़ी गतिविधि लंबे समय से चल रही थी, नकली दूध बनाने की अवैध फैक्ट्री की जानकारी समय पर उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंचाने और प्रभावी निगरानी नहीं रखने पर स्थानीय आसूचना संबंधित कॉन्स्टेबल और बीट कॉन्स्टेबल को मंगलवार शाम को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है। एसएमएचओ डॉ. शैलेंद्र चौधरी ने आदेश जारी होने के बाद उन्हें कार्यमुक्त करते हुए जयपुर मुख्यालय के लिए रिलीव कर दिया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। DSP का बयान आशीष प्रजापत ने कहा कि जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में DST और डिग्गी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मिलावटी दूध बनाने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिसकर्मियों की लापरवाही या किसी प्रकार की मिलीभगत के बिंदु पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे बनता था मिलावटी दूध जांच में सामने आया कि सोयाबीन ऑयल, वनस्पति घी, स्किम्ड मिल्क पाउडर और केमिकल मिलाकर नकली दूध तैयार किया जाता था। पानी में स्किम्ड मिल्क पाउडर और लैक्टोज मोनोहाइड्रेट मिलाकर दूध जैसा रंग दिया जाता था, जबकि खराब होने से बचाने के लिए कास्टिक सोडा डाला जाता था। फैट बढ़ाने के लिए वनस्पति घी, पाम ऑयल और सोयाबीन ऑयल मिलाया जाता था। तैयार दूध को टैंकर और पिकअप से अलग-अलग जिलों और शहरों में सप्लाई किया जाता था। मौके से 2100 लीटर सोयाबीन ऑयल, 500 लीटर वनस्पति घी, 3000 किलो दूध पाउडर और 105 किलो कास्टिक सोडा जब्त किया गया। पुलिस ने राजू, कालू, महिपाल, शिवराज और ओम प्रकाश को गिरफ्तार किया है। कालू को छोड़कर बाकी चार आरोपी अजमेर जिले के हैं। अवैध फैक्ट्री का संचालन बहरोड़ निवासी सोनू यादव कर रहा था, जिसकी तलाश जारी है। जयपुर समेत तीन जिलों में नेटवर्क की भी जांच की जा रही है। रोज 80 हजार लीटर सप्लाई का खुलासा DST प्रभारी ओम प्रकाश ने बताया कि मिलावटी दूध के जरिए आम लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा था। फैक्ट्री से अजमेर, टोंक और जयपुर में रोजाना करीब 80 हजार लीटर मिलावटी दूध सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का संचालन बहरोड़ निवासी सोनू यादव द्वारा किया जा रहा था। पुलिस के अनुसार अधिक मुनाफा कमाने के लिए यह काम किया जा रहा था। फोटोज में देखें मिलावटी दूध बनाने में इस्तेमाल केमिकल्स… ————————————————————————————– यह खबर भी पढ़ें… जयपुर समेत 3-जिलों में रोजाना 80,000 लीटर मिलावटी-दूध की सप्लाई: फैक्ट्री में कास्टिक सोडा मिलाकर रख रहे थे फ्रेश; 5 गिरफ्तार, केमिकल जब्तटोंक में पुलिस ने मिलावटी दूध बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी है। फैक्ट्री से अजमेर, टोंक और जयपुर में रोजाना करीब 80 हजार लीटर मिलावटी दूध सप्लाई किया जा रहा था। टोंक में पुलिस ने मिलावटी दूध बनाने वाली फैक्ट्री पकड़ी है। फैक्ट्री से अजमेर, टोंक और जयपुर में रोजाना करीब 80 हजार लीटर मिलावटी दूध सप्लाई किया जा रहा था। (पूरी खबर पढ़ें)