भीलवाड़ा शहर के चौराहे अब सुंदरता का प्रतीक नहीं, बल्कि हादसों का डेथ पॉइंट बन चुके हैं। नगर निगम के इंजीनियरों ने ऐसे जानलेवा स्ट्रक्चर खड़े कर दिए हैं, जो वाहन चालकों के लिए सीधे तौर पर मौत का फरमान हैं। ‘पत्रिका’ के इस महाभियान का सीधा उद्देश्य एसी कमरों में बैठे और कुंभकर्णी नींद सो रहे प्रशासन को जगाना है। शहरवासियों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से एक तकनीकी कमेटी का गठन कर शहर के सभी सर्कल का सेफ्टी ऑडिट किया जाए और जनता की जान जोखिम में डालने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो।
