टोंक में दो दोस्तों के शव तालाब में डूबी हुई कार में मिले। दोनों दोस्त 39 दिन से लापता थे। किसानों को तालाब के पानी में कार की छत नजर आई थी। इसके बाद पुलिस को बुलाया। JCB के जरिए कार को बाहर निकाला तो इसमें 2 शव नजर आए। कार के नंबरों के आधार पर परिजनों को सूचना दी गई और शवों की पहचान हुई। शव इतनी बुरी अवस्था में थे कि शरीर से चमड़ी उधड़ गई थी। मामला दूनी थाने के आवां कस्बे के बूंदी रोड स्थित रामसागर तालाब का सोमवार सुबह 9 बजे का है। 8 जनवरी से लापता थे देवली डीएसपी रामसिंह ने बताया- बूंदी के दबलाना थाना क्षेत्र के रेण निवासी रमेश (43) पुत्र जगन्नाथ गुर्जर और महावीर (40) पुत्र सेवा गुर्जर के शव रामसागर तालाब मिले। दोनों 8 जनवरी से कार के साथ लापता थे। संभवत: रास्ता भटकने से कार तालाब में चली गई। इसके बाद दोनों बाहर नहीं निकल पाए और दम घुटने से मौत हो गई। JCB से निकाली कार DSP ने बताया- सुबह ग्रामीणों ने सूचना दी थी कि बूंदी रोड स्थित रामसागर तालाब में कार का डूबी हुई है। तालाब में कार का ऊपरी हिस्सा किसानों को नजर आया था। इसके बाद जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। ध्यान से देखने पर स्विफ्ट डिजायर कार नजर आई। JCB को बुलाकर दोनों के शव को बाहर निकाला गया। पहले ट्रैक्टर से निकालने की कोशिश की थी, लेकिन सफलता नहीं मिली। करीब 3 घंटे बाद JCB मंगवा कर दोपहर 12 बजे शव निकाले गए। पुलिस ने कार के नंबरों के आधार पर पहचान की और परिजनों को इसकी सूचना दी। जीजा की कार लेकर दोस्त के साथ गया था रमेश के जीजा सीताराम ने बताया- देवली तहसील क्षेत्र के गांवड़ी गांव में उसके मामा के सामाजिक कार्यक्रम में खाना खाकर रमेश और महावीर बाइक से वापस गांव जा रहे थे। दोनों रास्ते में मेरे घर थोड़ी देर रुक गए। फिर सर्दी ज्यादा होने की कहकर मेरी कार ले गए। कहा कि कल वापस दे जाएंगे। उसके बाद ये बूंदी जिले के अपने गांव नहीं पहुंचे। अगले दिन 9 जनवरी को रमेश के परिजनों का कॉल आया कि वे घर नहीं आए हैं। फिर उनके परिजनों ने दबलाना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस और परिजनों ने कुछ दिन तक काफी तलाशा, लेकिन कहीं नहीं मिले। रमेश दो बहनों में इकलौता भाई था।
