पश्चिमी राजस्थान के रेतीले धोरों में बसा पोकरण इन दिनों धूम्रपान जैसे गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संकट की गिरफ्त में है। कभी शौक और दोस्तों के साथ शुरू होने वाली कश की लत अब युवाओं के लिए साइलेंट किलर से कम नहीं है। विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के मौके पर क्षेत्र में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति एक चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है, जहां युवा धुएं के गुबार को स्वैग समझ रहे है, जबकि असल में वे अपनी उम्र घटा रहे है।
