भाटी बोले- सनातनी सरकार साधु-संतों के साथ दुराचार कर रही:धरा और धेनू का सौदा कौन कर रहा? दोनों पार्टियां सिर्फ पाखंड कर रही – Mewar App

भाटी बोले- सनातनी सरकार साधु-संतों के साथ दुराचार कर रही:धरा और धेनू का सौदा कौन कर रहा? दोनों पार्टियां सिर्फ पाखंड कर रही

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने सरकार और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा- एक गौभक्त बने है और एक गोभक्त बनना चाह रहे हैं। दोनों की राजनीतिक लड़ाइयों के कारण राजस्थान की 8 करोड़ जनता को निराशा हाथ लगी है। वर्तमान सरकार और पूववर्ती सरकार दोनों को प्रदेश की जनता ने जीताया। लेकिन पूववर्ती सरकार ने लाखों बीघा ओरण गोचर जमीन, गोवंश का चारागाह पूरे तरीके से मल्टीनेशनल कंपनी के हाथों में दे दिया। अगर वे इतने बड़े गोभक्त थे, पूववर्ती सरकार में लाखों बीघा के जमीन के अलांटमेट क्यों किये? भाटी ने सरकार को भी सनातनी बताते हुए कहा कि जिस ऋषि और कृषि की बात वर्तमान में सनातन की सरकार कर रही है। इनके ही राज में सियाणी गांव मठाधीश है। दूदाबेरी सोखरू गांव में 14 हजार बीघा गोचर जमीन को बचाने के लिए धरने पर बैठे है। क्योंकि वह बिना किसी एनओसी ( संबंधित ग्राम पंचायत) के कंपनियों की दी जा रही है। कोई एनओसी नहीं ली गई गोचर को खत्म कर दिया गया। वहां पर संत 12 जनवरी 2026 को धरने पर बैठे है। आज दिन तक उस गोचर पर आज दिन तक निर्णय नहीं लिया गया है। वहां पर बैठे संतों के साथ दुराचार किया गया। धरा और धेनू के नाम पर राजनीति कौन कर रहा
दरअसल, भाटी ने मंगलवार को विधानसभा में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा- जिस गाय की बात हम कर रहे है, उस गाय की जमीन को आप लोग ही अलॉट कर रहे हो। कौनसी ऐसी ताकतें है, जो आपको दबा रही है। यह प्रदेश की जनता जानना चाहती है। आज के समय में धरा और धेनू का सौदा कौन कर रहा है। इसके नाम पर राजनीति कौन कर रहा है। यह बहुत बड़ा विषय है। भाटी ने कहा- संतों ने कहा था कि जिस धरती पर गाय के पैर रखने की जगह नहीं बचे है उस धरती पर धर्म की दुआई देना केवल पांखड है। आज के समय में दोनों पॉलिटिकल पार्टी सिर्फ पाखंड कर रही है। पश्चिमी राजस्थान में तमाम ग्रामीण अर्थव्यवस्था पूरी तरीके से गोवंश, पशुधन पर टिकी है। करीबन 30 लाख गोवंश वहां पर है। आज मुद्दा गाय का उठा रहा है। वह ठीक है, ऐसा नहीं होना चाहिए। लेकिन विपक्ष उन 30 लाख गोवंश की तो बात करें। बॉर्डर पर ग्रामीणों की जमीन दूसरों को अलॉट कर रहे
भाटी ने बाड़मेर-जैसलमेर के इंटरनेशनल बॉर्डर से सटे गांव के ग्रामीण पलायन होने के लिए मजबूर हो रहे है। इंटरनेशनल बॉर्डर पर बैठे मजबूत लोग जो ऑपरेशन सिंदूर से लेकर हर जगह पहली पंक्ति में आपके लिए लड़ाई लड़ रहे थे। आज जबरदस्ती उनकी जमीन को अलॉट करके पलायन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। एक उदाहरण देते हुए कहा कि डालमिया सीमेंट को एक जमीन अलॉट हुई। 80 पक्के मकान अलॉट कर दिए। आपका कोई भी व्यक्ति नीचे जाकर भौतिक सत्यापन करता है क्या? वहां पर कौन है। आप गरीब लोगों के घर उजाड़ने में लगे हुए हो। दो साल पूरे हुए, तीन साल बाद जनता ही काम आएगी
बाड़मेर-जैसलमेर के 100 से ज्यादा गांव पलायन करने के लिए मजबूर कर रहे है। यह कहते है कि भारत गांवों में बसता है। आज इन गांवों को कौन जमीन अलांट कर रहा है। किसानों की बात करते है। उनकी छाती पर हाईटेशन लाइन टावर के नाम पर उनको कौन जलील और परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा- सरकार को कहना चाहता हूं कि मल्टीनेशनल कंपनी के आगे घुटने नहीं टेके। प्रदेश की जनता को वोट देकर यहां तक पहुंचाया है। आप विश्वास पर खरे उतरे। आखिर में दो साल तो निकल चुके है। तीन साल बाद काम यह जनता आनी है। मल्टीनेशनल कंपनी आपको यहां पर नहीं पहुंचाएगी। विपक्ष ने यह काम किया, तभी वो ना पक्ष में बैठे है।