बीना. शहर के बड़े स्कूल निजी पब्लिकेशन की किताबें चला रहा है और इनपर रोक नहीं लग पा रही है। यह सरकार की गाइडलाइन का भी पालन नहीं कर रहे हैं। सिर्फ दिखाबे के लिए कुछ पुस्तकें एनसीइआरटी की शामिल की जा रही हैं, जिससे अभिभावकों को कोई राहत नहीं है।जानकारी के अनुसार सरकार एनसीइआरटी की पुस्तकें पढ़ाने पर जोर दे रही है, लेकिन यहां निजी स्कूल संचालक इसका पालन नहीं कर रहे हैं। यदि एनसीइआरटी की पुस्तकें पढ़ाई जाएं, तो अभिभावकों पर आर्थिक बोझ नहीं बढ़ेगा। शहर के एक बड़े निजी स्कूल में फस्र्ट क्लास की पुस्तकों के सेट में 16 पुस्तकें शामिल हैं, जिसमें सिर्फ तीन एनसीइआरटी की हैं, बाकी निजी प्रकाशन की। इसके बाद भी इस ओर शिक्षा विभाग के अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। यह स्थिति एक स्कूल की नहीं, बल्कि शहर के लगभग सभी स्कूलों की है।
