राजस्थान की मेवाड़ यूनिवर्सिटी(चित्तौड़गढ़) के चेयरमैन, प्रोफेसर, रजिस्ट्रार और हेड ऑफ द डिपार्टमेंट समेत 7 जिम्मेदार लोगों के खिलाफ स्टूडेंट्स ने मामला दर्ज करवाया है। स्टूडेंट्स ने गंगरार थाने में रिपोर्ट सौंपी है। स्टूडेंट्स का आरोप है कि B.Sc. नर्सिंग और जीएनएम कोर्स में एडमिशन दिलाने के नाम पर उनसे मोटी रकम ली गई। जबकि इन कोर्स को राजस्थान नर्सिंग काउंसिल (RNC) और इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) से कोई मान्यता प्राप्त नहीं थी। स्टूडेंट्स का कहना है कि यूनिवर्सिटी की ओर से अखबारों में भी विज्ञापन दिए गए थे और इन कोर्स को मान्यता प्राप्त बताया गया था, लेकिन असलियत में यह पूरा दावा झूठा था। इस बीच यूनिवर्सिटी में B.Sc. नर्सिंग और जीएनएम कोर्स की मान्यता को लेकर छात्र कई दिनों से विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को मैस बंद करने के बाद छात्रों के दो गुटों के बीच झगड़ा हो गया। यह बुधवार को भी जारी रहा। स्थिति बिगड़ने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छुट्टी घोषित कर दी और स्टूडेंट्स को उनके घर भेज दिया। एडिशनल एसपी सरिता सिंह का कहना है- फिलहाल स्थिति शांत है। एहतियात के तौर पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अवकाश घोषित कर दिया है और अधिकांश स्टूडेंट्स अपने घर लौट रहे हैं। जिन स्टूडेंट्स ने रिपोर्ट दी है, उनके आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अखबारों में फर्जी विज्ञापन देने का आरोप
भीलवाड़ा निवासी पायल पाटिल और जम्मू-कश्मीर निवासी अजहर सादिक सहित कई छात्रों ने यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष अशोक कुमार गदिया, वाइस चांसलर आलोक मिश्रा, रजिस्ट्रार सीडी कुमावत, हेड ऑफ द डिपार्टमेंट महावीर वैरागी, प्रोफेसर महावीर स्वर्णकार, हेड ऑफ द डिपार्टमेंट शोएब खान समेत अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ गंगरार थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पायल पाटिल का कहना है कि उन्होंने साल 2022 में सीनियर सेकेंडरी पास करने के बाद यूनिवर्सिटी का विज्ञापन देखा, जिसमें B.Sc. नर्सिंग कोर्स को RNC और INC से मान्यता प्राप्त बताया गया था। दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर पूरी मान्यता होने की बात कही गई। उस दौरान कौशल चन्द्रल से बात हुई थी, जिसे फर्जी डिग्री देने के नाम पर SOG की टीम ने गिरफ्तार कर लिया था। 13 फरवरी 2022 को उन्होंने एक लाख रुपए एंट्री फीस और 50 हजार रुपए डोनेशन के रूप में जमा कर एडमिशन लिया। उनके साथ कई अन्य स्टूडेंट्स आशुतोष पारीक, रोहित मारू, रोशन रेगर, रोहित रेगर, विक्की कुमार, कृष्णा कुमारी ने भी इसी तरह पैसे जमा करवाए। 3 साल तक नियमित रूप से पढ़ाई करने के बाद जब मान्यता के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि कोर्स को किसी भी परिषद से स्वीकृति नहीं मिली है। मान्यता की जानकारी लेने जयपुर पहुंचे स्टूडेंट्स
स्टूडेंट्स ने बताया कि हाल ही में वे जयपुर जाकर उपमुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, सचिवालय और RNC कार्यालय में जानकारी लेने पहुंचे। वहां से स्पष्ट जवाब मिला कि B.Sc. नर्सिंग कोर्स को कोई मान्यता नहीं है और इस संबंध में यूनिवर्सिटी की ओर से कोई फाइल भी जमा नहीं करवाई गई। अधिकारियों ने यह भी कहा कि जब पहले मान्यता नहीं थी, तो अब मिलने की संभावना भी बहुत कम है। यह जानकारी मिलने के बाद छात्रों में आक्रोश है। जम्मू-कश्मीर के 39 स्टूडेंट्स को निलंबित किया
जम्मू-कश्मीर से आए 44 स्टूडेंट्स अजहर सादिक, फैजान अकबर, सरफराज, नाजिया इकबाल, आदिल फारूक सहित अन्य ने जम्मू कश्मीर विशेष छात्रवृत्ति योजना के तहत इसी B.Sc. नर्सिंग कोर्स में एडमिशन लिया था। इनको कोर्स के दौरान यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष अशोक कुमार गदिया, यूनिवर्सिटी फैकेल्टी मेंबर महावीर वैरागी, महावीर स्वर्णकार, शोएब खान ने उक्त B.Sc. नर्सिंग कोर्स की RNC व INC से पूर्ण मान्यता होने के डॉक्यूमेंट बताए थे। उनका कहना है- उन्हें डॉक्यूमेंट्स दिखाकर भरोसा दिलाया गया था कि कोर्स पूरी तरह मान्यता प्राप्त है। जब उन्होंने 19 अक्टूबर 2024 को प्रशासन से सवाल किया तो उन्हें अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया। बाद में आश्वासन दिया गया कि दो महीने में मान्यता न मिलने पर उन्हें किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश दिलाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद 39 छात्रों को फिर से निलंबित कर दिया गया। स्टूडेंट्स बोले- जीएनएम कोर्स भी बिना मान्यता चल रहा
स्टूडेंट्स का आरोप है कि जीएनएम नर्सिंग कोर्स के साथ भी यही स्थिति है। शीतल शर्मा सहित 26 छात्रों को इस कोर्स में एडमिशन दिया गया, जबकि इसे भी RNC से मान्यता नहीं मिली थी। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी का नाम RNC की वेबसाइट पर देखकर उन्होंने विश्वास किया, लेकिन बाद में पता चला कि वास्तविक मान्यता नहीं थी। जीएनएम कोर्स में पढ़ रहे करीब 22 छात्रों ने भी अब मान्यता को लेकर सवाल उठाए हैं। स्टूडेंट्स को गेट पर ही रोकने पर बढ़ा विवाद
डिग्री की मान्यता की मांग को लेकर छात्र लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे थे। इससे पहले भी 33 नर्सिंग स्टूडेंट्स को निलंबित किया गया था। स्टूडेंट्स जयपुर जाकर कई जनप्रतिनिधियों से मिले थे। उनके जयपुर से आने के बाद उन्हें पहले अंदर नहीं आने दिया जा रहा था। इससे नाराज होकर स्टूडेंट्स ने मंगलवार को जब मैस बंद किया तो दूसरे छात्रों ने नाराजगी जताई और तोड़फोड़ की घटना की। इसी दौरान छात्रों के बीच मारपीट हो गई। माहौल बिगड़ने पर मंगलवार की रात यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर ने 28 स्टूडेंट्स और यूनिवर्सिटी के मेंटीनेंस इंचार्ज ने 40 स्टूडेंट्स के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। हालांकि बुधवार को स्थिति फिर तनावपूर्ण हो गई थी। इसके बाद एडिशनल एसपी सरिता सिंह सहित कई थानों का पुलिस जाब्ता मौके पर पहुंचा और हालात को काबू में किया। एडीएम बोले- प्रशासन जल्द देगा जानकारी
रावतभाटा एडीएम विनोद कुमार मल्होत्रा का कहना है- साल 2022-23 और 2023-24 में नर्सिंग और जीएनएम में हुए एडमिशन और उनकी मान्यता को लेकर RNC के माध्यम से कुछ तकनीकी विषय सामने आए हैं। विस्तृत जानकारी लेने के बाद प्रशासन इसकी पूरी जानकारी साझा करेगा। हालांकि रजिस्ट्रार और स्टूडेंट्स के बीच बातचीत हुई थी। आगामी होली व रमजान को ध्यान में रखते हुए स्टूडेंट्स को कुछ दिनों की छुट्टी दी गई है। फिलहाल परिसर में पूरी तरह शांति है। ये खबर भी पढ़िए… मेवाड़ यूनिवर्सिटी के 30 कश्मीरी समेत 33 नर्सिंग स्टूडेंट्स सस्पेंड:धरने पर बैठे छात्र, बोले- डिग्री की मान्यता नहीं, हमारे भविष्य से खेल रहा मैनेजमेंट चित्तौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी में B.Sc. नर्सिंग फाइनल ईयर के 30 कश्मीरी सहित 33 स्टूडेंट्स को बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया। तभी से स्टूडेंट्स धरने पर बैठे हैं। पूरी खबर पढ़िए
