विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान मंत्री सवालों में घिरते दिखे। कांग्रेस विधायक पीतराम सिंह काला के सवाल का राजस्व मंत्री हेमंत मीणा सही जवाब नहीं दे सके। काला ने राजस्व मंत्री से प्रचलित रास्तों को राजस्व रिकार्ड में कटानी रास्ते में दर्ज करने या नहीं करने पर जवाब चाहा था। राजस्व मंत्री ने समय-समय पर जारी सर्कुलर और नियमों का हवाला दिया। लेकिन यह नहीं बताया कि रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज करेंगे या नहीं। राजस्व मंत्री नियम पढ़ने लगे।
इस दौरान स्पीकर ने कहा कि आप हां या नहीं में जवाब दे दीजिए। इस पर मंत्री ने कहा कि मैं विस्तार से जवाब देना चाहता हूं। राजस्व और उपनिवेशन नियम अलग-अलग हैं। राजस्व मंत्री के सीधा जवाब नहीं देने पर कांग्रेस विधायकों ने आपत्ति जताई। इस दौरान सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
स्पीकर ने मंत्री से दोबारा कहा कि आप हां-ना में बता दीजिए। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि राजस्व मंत्री इतना ही जवाब नहीं दे पा रहे हैं कि राजस्व रिकॉर्ड में कटानी रास्ता दर्ज करेंगे या नहीं। इस पर स्पीकर ने कहा कि मंत्री के पास जवाब है ही नहीं। इस पर आगे फिर से जवाब दिलवाएंगे। स्पीकर के आश्वासन के बाद हंगामा शांत हुआ। दौसा से कांग्रेस विधायक दीनदयाल बैरवा के साथ तहसीलदार के खराब बर्ताव के मामले में विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का नोटिस दिया जा सकता है। कांग्रेस दौसा तहसीलदार के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव पेश करने के बारे में विचार कर रही है। पल-पल के अपडेट के लिए ब्लॉग देखिए…
