लाइसेंस सरेंडर कर विस्फोटक सप्लाई कर रहा था नर्सिंगकर्मी:SIT ने 4 सप्लायर दबोचे, रिकॉर्ड में हेराफेरी महंगे दामों में बेच रहे थे – Mewar App

लाइसेंस सरेंडर कर विस्फोटक सप्लाई कर रहा था नर्सिंगकर्मी:SIT ने 4 सप्लायर दबोचे, रिकॉर्ड में हेराफेरी महंगे दामों में बेच रहे थे

नागौर में गणतंत्र दिवस से पहले मिली 10 टन विस्फोटक मामले में आरोपी सुलेमान खान के बाद SIT ने चार सप्लायर को पकड़ा है। कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। तीन आरोपी नागौर और एक सबसे बड़ा सप्लायर चित्तौड़गढ़ का रहने वाला है। आरोपी अलग-अलग क्षेत्रों में मैगजीन (लाइसेंस प्राप्त स्टोरेज सेंटर) का संचालन करते हैं। एक आरोपी लाइसेंस सरेंडर करने के बाद दो साल से नर्सिंगकर्मी की नौकरी करते हुए अवैध सप्लाई कर रहा था। वहीं तीन लाइसेंस धारक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अमोनियम नाइट्रेट को बेच रहे थे। सुलेमान खान इनसे विस्फोटक खरीदकर महंगे दामों में बेचता था। 24 जनवरी को पकड़ा गया था आरोपी सुलेमान एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया- थांवला थाना क्षेत्र में 24 जनवरी को हरसौर में 187 कट्टों (बोरियों) में 9,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट रखा मिला था। मौके से सुलेमान खान (50) को गिरफ्तार किया गया था। वह हरसौर का रहने वाला है और उस पर पहले से 3 केस दर्ज हैं। पूछताछ के बाद SIT टीम ने लाइसेंसशुदा मैगजीन संचालक भरत कुमार (नागौर), देवराज मेड़तिया (बुटाटी, नागौर) और महेंद्र पाल सिंह (कड़ेला, नागौर), बंसीलाल बंजारा (बस्सी, चित्तौड़गढ़), को गिरफ्तार किया है। रिकॉर्ड में हेराफेरी कर ऊंचे दाम में बेचते थे SP ने बताया- बंसीलाल बंजारा सबसे बड़ा सप्लायर है, जिसके पास 3000 टन की मैगजीन का लाइसेंस है। इसके अलावा पाल के पास साढ़े चार टन और भरत के पास दो टन का लाइसेंस है। देवराज ने दो साल पहले मैगजीन सरेंडर कर दी थी। इसके बाद वह कुचेरा CHC में संविदा पर नर्सिंगकर्मी के पद पर काम करते हुए अवैध रूप से विस्फोटक की सप्लाई कर रहा था। अमोनियम नाइट्रेट के 50 किलो के कट्टे पर 10 रुपए प्रति किलो अतिरिक्त लेकर बेच रहे थे। क्वालिटी के अनुसार इसकी सरकारी दर 80 से 160 रुपए प्रति किलो है। लाइसेंस रद्द करने के लिए विभाग को लिखा एसपी मृदुल कच्छावा ने बताया- लाइसेंस की आड़ में अवैध व्यापार करने वाले इन संचालकों के खिलाफ केवल आपराधिक मामला ही दर्ज नहीं किया गया है। वहीं चारों मैगजीन होल्डर के लाइसेंस रद्द करवाने के लिए संबंधित विभाग को लिखा गया है। भारत सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन काम करने वाला PESO (पेट्रोलियम एंड एक्सपोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन) इसके लिए लाइसेंस जारी करता है। मामले में पुलिस मुख्यालय को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी। विस्फोटक अधिनियम के नियमों में सुधार और लाइसेंस धारकों की सख्त मॉनिटरिंग के सुझाव शामिल होंगे। नेटवर्क से जुड़े हर व्यक्ति को बेनकाब किया जाएगा और जिले में अवैध विस्फोटक के कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। —- विस्फोटक से संबंधित से खबर भी पढ़िए … कौन है सुलेमान, जिसके पास मिला 10 टन विस्फोटक:11 साल पहले दुकानों में भी मिला था एक्सप्लोसिव, बाइक सवार के उड़ गए थे चीथड़े नागौर के हरसौर कस्बे में गणतंत्र दिवस से ठीक एक दिन पहले पकडे़ गए 10 टन विस्फोटक के मामले में आरोपी सुलेमान खान NIA और IB सहित देश की सभी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया है। पूरी खबर पढ़िए राजस्थान में 26 जनवरी से पहले 9500kg विस्फोटक पकड़ा:अमोनियम नाइट्रेट खेत में रखा था, 1 अरेस्ट; दिल्ली ब्लास्ट में इसी का इस्तेमाल हुआ था राजस्थान के नागौर में पुलिस ने 26 जनवरी से पहले एक खेत से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है। पूरी खबर पढ़िए