प्रदेश के सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए मंजूर ‘कंपोजिट स्कूल ग्रांट 2025-26’ फिलहाल फाइलों के जाल में उलझी हुई है। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने ग्रांट की प्रशासनिक स्वीकृति तो जारी कर दी है, लेकिन वित्तीय स्वीकृति का पेच फंसने से 113 करोड़ 2 लाख 30 हजार रुपए का भारी-भरकम बजट अटका हुआ है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने में अब केवल 5 दिन शेष हैं। प्रदेश के 18,799 स्कूलों को 31 मार्च तक न सिर्फ इस राशि का उपयोग करना है, बल्कि उसका समायोजन भी पूरा करना है। समय की कमी ने संस्था प्रधानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने गुरुवार को ही राज्य को बजट जारी किया है, जिसमें भीलवाड़ा व ब्यावर की 660 स्कूलों के लिए 431.70 लाख रुपए का प्रावधान है।
