तहसीलदार से विवाद के बाद अब दौसा विधायक डीडी बैरवा का महिला पटवारी से बहस करने का ऑडियो सामने आया है। जिसमें विधायक बैरवा और पटवारी हेमलता मीणा के बीच सरकारी जमीन को लेकर बातचीत हो रही है। महिला पटवारी कह रही हैं कि आप मुझे धमकी कैसे दे रहे हो, मैं मेरा काम कर रही हूं। आपको दिक्कत हो तो मेरा ट्रांसफर करवा देना, आपके तो हाथ में है। इस पर विधायक कहते हैं- गरीब लोगों को परेशान मत करो। यह विवाद दौसा तहसील के खसरा नंबर 171/1 को लेकर हुआ था। जहां 2 महीने पहले प्लॉट काटे गए थे। इस मामले में विधायक बैरवा का कहना है कि ऑडियो कब का है ये तो मुझे याद नहीं, लेकिन अधिकारी वहां सालों से मकान बनाकर रह रहे गरीबों को परेशान कर रहे हैं। UIT में कन्वर्जन नहीं होने का बहाना कर मकान उजाड़ रहे हैं। अधिकारियों को राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ है, इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा। पढ़िए दोनों के बीच क्या हुई बातचीत पटवारी- आप मुझे धमकी कैसे दे रहे हो, मैं मेरा काम कर रही हूं। विधायक- क्या काम कर रहे हो? पटवारी- UIT की जमीन को बिना कन्वर्जन कराए प्लॉटिंग की जा रही है तो फिर मैं मेरा काम नहीं करूंगी। विधायक- यहां लोग तो पहले से ही बसे हुए हैं, UIT तो आज आई है। विधायक- ट्रांसफर की तो बात ही नहीं हुई तो फिर आप ऐसी बातें क्यों कर रहे हो। पटवारी- मैं मेरी नौकरी करने आई हूं और आप मुझे धमकी दे रहे हो। विधायक- गरीब लोगों को परेशान मत करो। पटवारी- स्कीम काटने वाला कौन सा गरीब आदमी है बताओ। विधायक- मैं तो मकान बनाने वालों की बात कर रहा हूं, स्कीम वालों की नहीं। पटवारी- मैं भी स्कीम काटने वालों की बात कर रही हूं, मकान वालों की नहीं। मैं 173/1 की बात कर रही हूं, जिसमें आपने स्कीम काटी है। विधायक- मैंने कोई स्कीम नहीं काटी, मिलने वाले होंगे। पटवारी- आपके इतने जानने वाले हैं तो फिर यूआईटी में कन्वर्जन करवा कर स्कीम काट लो। विधायक- हां, ऐसे बोलो, ऐसे बोलो आप। पटवारी- यूआईटी में मकान तो बिल्कुल नहीं बनने दूंगी। डीसीजी, आप कन्वर्जन कराकर मकान नहीं महल बना लो मुझे कोई दिक्कत नहीं है। विधायक- ठीक है। तहसीलदार के निलंबन की मांग बता दें कि 3 दिन पहले सोमवार को दौसा विधायक और तहसीलदार गजानंद मीणा के बीच हुई बहसबाजी का वीडियो सामने आया था। इसे लेकर दौसा विधायक गृह राज्य मंत्री जवार सिंह बेढम से भी मिले थे। उन्होंने अधिकारी पर कार्रवाई की मांग की थी। वहीं विधानसभा में भी बैरवा ने इस मुद्दे को उठाया था। विधायक ने कहा- दौसा में पदस्थ एक तहसीलदार न तो कानून का पालन करता है और न ही जनप्रतिनिधियों का सम्मान करता है। वह खुलेआम खुद को दौसा की जमीनों का मालिक बताता है। ऐसे अधिकारी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, इसी कारण वह निरंकुश होकर काम कर रहा है। विधायक ने तहसीलदार को तत्काल निलंबित या बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में सरकार की चुप्पी गंभीर सवाल खड़े करती है। विधायक ने बताया कि इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष ने भी कार्रवाई की मांग की है। टूटी झोपड़ियां, रोते-बिलखते महिलाएं और बच्चे विधायक ने सदन में बताया कि दौसा में एक कार्रवाई के दौरान दो जेसीबी मशीनों से मकान तोड़े जा रहे थे। मौके पर महिलाएं और बच्चे रो-रोकर चिल्ला रहे थे। जब वे वहां पहुंचे और अधिकारी से कार्रवाई की जानकारी ली, तो तहसीलदार सामने आए और विधायक से अभद्र भाषा में बात की। विधायक के अनुसार तहसीलदार ने खुद को दौसा की जमीनों का मालिक बताया, जो लोकतंत्र और जनप्रतिनिधियों के सम्मान का खुला अपमान है। बिना नोटिस कार्रवाई, गरीबों के मकान तोड़े विधायक बैरवा ने आरोप लगाया कि तहसीलदार बिना किसी पूर्व सूचना और नोटिस के कार्रवाई कर रहे हैं। होदायली गांव में पांच गरीब परिवारों के मकान तोड़ दिए गए। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के दौरान 2 साल के मासूम बच्चे को पांच तालों में बंद रखा गया, जो प्रशासन की संवेदनहीनता और तानाशाही रवैये को दर्शाता है। विधायक बोले- UIT बनी जरूर, लेकिन जमीन पर काम नजर नहीं आता तहसीलदार के साथ-साथ विधायक ने यूआईटी (Urban Improvement Trust) को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि यूआईटी का गठन तो कर दिया गया है, लेकिन उसका काम धरातल पर दिखाई नहीं देता। अधिकारी और कर्मचारी लूट-खसोट में लगे हुए हैं, जबकि आम लोगों को अपने मकान तक बनाने नहीं दिए जा रहे। विधायक ने आरोप लगाया कि यूआईटी की ओर से कोई स्पष्ट आदेश नहीं होने के बावजूद तहसीलदार ने अपनी अलग टीम बना रखी है। जहां से पैसा आता है, वहीं कार्रवाई शुरू कर दी जाती है। उन्होंने तहसीलदार पर भू-माफियाओं से मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों के कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है। पढ़ें तहसीलदार से विवाद की ये खबर… कांग्रेस विधायक से तहसीलदार बोले- फालतू बात नहीं,गलत हो जाएगा:जमीन सरकारी, मुझे आदेश कौन देगा; अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रुकवाने पहुंचे थे बैरवा दौसा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायक और तहसीलदार भिड़ गए। विधायक दीनदयाल बैरवा ने आदेश मांगे तो तहसीलदार ने कहा- सरकारी जमीन का मालिक मैं खुद हूं, मुझे कौन आदेश देगा। जमीन मेरी है, आप फालतू की बात मत करो। (पढ़ें पूरी खबर)
