उज्जैन. शहर में आज रात शहर की सबसे बड़ी और इको-फ्रेंडली होलिका दहन का आयोजन होगा। सिंहपुरी क्षेत्र स्थित आताल-पाताल भैरव परिसर में सजने वाली यह होलिका अपनी अनूठी परंपरा के लिए जानी जाती है। मान्यता है कि यह होलिका सदियों से केवल कंडों (उपलों) से तैयार की जाती है, जिससे पर्यावरण को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचती। करीब 5,000 से 5,500 कंडों से गोलाकार संरचना में होलिका सजाई जाती है और मध्य में प्रह्लाद स्वरूप ध्वज स्थापित किया जाता है। ब्रह्म मुहूर्त में पारंपरिक विधि से इसका दहन किया जाएगा।
