पाली में शुक्रवार की रात हुए एक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। तेज रफ्तार ट्रक की टक्कर से एफएसएल वैन के पास खड़े कॉन्स्टेबल की दर्दनाक मौत हो गई। घर में बेटी होने के करीब 12 साल बाद जुड़वा बच्चे हुए थे। होली(4 मार्च) पर जुड़वा बच्चों का ढूंढ करवाने का कार्यक्रम होना था। इसकी तैयारियां चल रही थी। रिश्तदारों को न्योता भी दिया जा चुका था, लेकिन समारोह से 18 दिन पहले पिता की जान चली गई। दरअसल, शुक्रवार की रात करीब साढ़े 10 बजे शहर के ट्रांसपोर्ट नगर थाना इलाके में हनुमान ढाबे के बाहर खड़ी एफएसएल टीम की वैन को ट्रक ने टक्कर मार दी थी। इसमें कॉन्स्टेबल ड्राइवर दुर्गादान (43) पुत्र जेठूदान चारण हाथ, कंधे, सिर और पसलियों में गंभीर चोट आई, जिससे उनकी मौत हो गई थी। घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पूरी टक्कर साफ दिखाई दे रही है। बेटी के 12 साल बाद हुए थे जुड़वा बेटा-बेटी, होली पर जश्न की तैयारियां थी
साथी कॉन्स्टेबल और दोस्त नरेश राजपुरोहित ने बताया- मृतक कॉन्स्टेबल ड्राइवर दुर्गादान मूल रूप से बालोतरा जिले के सरवड़ी (सिंदरी) गांव क रहने वाला था। 13 साल की बेटी सुमन है। करीब डेढ़ साल पहले ही वह जुड़वा बच्चों (हिमांशी-हिमांशु) के पिता बने थे। होली पर होने वाले जुड़वा बच्चों के ढूंढ समारोह को लेकर परिवार में खास तैयारियां की जा रही थी। इसकी पूरी जिम्मेदारी खुद दुर्गादान ही संभाल रहे थे। सभी रिश्तेदारों को समारोह में शामिल होने के लिए बोला जा चुका था। लेकिन हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया है। ढाबे पर बाजरे की रोटी नहीं मिली, तो वापस वैन में बैठ रहे थे
साथी पुलिसकर्मियों का कहना है- मृतक दुर्गादान अपने साथियों के साथ देसूरी थाना क्षेत्र से FSL वैन लेकर वापस पाली आ रहा था। सभी की इच्छा बाहर ही खाना खाने की थी। ऐसे में ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र में हाईवे पर हनुमान ढाबे के पास रूके थे। वे बाजरे की रोटी-सब्जी खाना चाहते थे। कॉन्स्टेबल दुर्गादान वैन से उतरे और एक ढाबे पर गए, लेकिन वहा बाजरे की रोटी नहीं होने के कारण वापस वैन में बैठने आ रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ड्राइवर ने वैन को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि एफएसएल वैन पूरी घूम गई और गाड़ी के बिल्कुल नजदीक खड़े दुर्गादान उसकी चपेट में आ गए। गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई। परिजनों के साथ पुलिसकर्मियों की आंखें हुई नम
शनिवार की दोपहर पोस्टमॉर्टम के बाद उनकी पार्थिव देह को पुलिस लाइन लाया गया। यहां एसपी आदर्श सिधु, एएसपी जयसिंह तंवर, सीओ सिटी मदनसिंह, सीओ ग्रामीण अमरसिंह रत्नू सहित कई पुलिस अधिकारियों ने कॉन्स्टेबल की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित किए गए। पुष्प अर्पित करते समय परिवारजनों के साथ पुलिसकर्मियों की आंखें भी नम हो गई। इस दौरान जवानों की ओर से अंतिम सलामी दी गई। दोस्त बोला- सोचा नहीं था यूं छोड़कर चला जाएगा
मृतक के खास दोस्तों में शामिल कॉन्स्टेबल ड्राइवर नरेश राजपुरोहित ने बताया- हम दोनों ने कई सालों तक साथ में पुलिस लाइन में ड्यूटी की। दुर्गादान मेरे भाई जैसा था। सोचा नहीं था कि इस तरह यूं छोड़कर चला जाएंगा। इतना कहते ही उनकी आंखों से आंसू बहने लगे और वे भावुक हो गए। ASP नरेन्द्रसिंह देवड़ा ने बताया कि दुर्गादान हंसमुख स्वभाव का था। मुझे कहता था सर मुझे FSL वैन पर ही फिक्स रख लो। कई पुलिसकर्मियों ने अपने हाथों से उस गाड़ी को फूलमालाओं से सजाया, जिसमें दुर्गादान की बॉडी पुलिस लाइन तक लाई गई थी। मृतक कॉन्स्टेबल का अंतिम संस्कार बालोतरा में पैतृक गांव में किया जाएगा, जिसके लिए पुलिस लाइन से दोपहर को गाड़ी पार्थिव देह लेकर रवाना हुई। ……………………………..
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