दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा के तहसीलदार और पटवारी से हुए विवाद में अब कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा भी उतर आए हैं। उन्होंने कांग्रेस विधायक बैरवा के लिए कहा कि अगर जनता की सेवा करने वाला व्यक्ति जमीनी कारोबार में घुस जाए, भूमाफियाओं के साथ मिल जाए, तो यह दौसा की जनता के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिला पटवारी को खुलेआम धमकाया कि मेरे लोगों ने कब्जा कर रखा है, इसे नहीं हटाओगे। सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों का हाल पता कर सकते हो कि उनकी क्या स्थिति है। ये राजनीति में धंधा करने के लिए आए हैं, जनता की सेवा करने नहीं। डॉ.किरोड़ी लाल मीणा ने शुक्रवार को दौसा में खानभांकरी रोड के पास टाउनहॉल के लोकार्पण और यूआईटी की आवासीय योजना लॉन्चिंग कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में यह बातें कहीं। बोले- जमीनों पर कब्जा करने का भी प्रिविलेज मोशन ले आओ
डॉ. मीणा ने कहा का आज के कार्यक्रम में किस तरीके की राजनीति थी। सरकारी कार्यक्रम था, उन्हें (सांसद-विधायक) भी आना चाहिए था। यदि नाम नहीं लिखवाते तो फिर विधानसभा में कहते कि हमारा नाम नहीं लिखवाया, प्रिविलेज मोशन(विशेषाधिकार) लेकर आएंगे। तो फिर जमीन पर कब्जा करने का भी प्रिविलेज मोशन लेकर आ जाओ और कहो कि मेरा प्रिविलेज है, जमीनों पर कब्जा करूंगा, मेरा भाई बनवारी लाल बैरवा करेगा, कोई नहीं बोलेगा। उन्होंने कहा- कांग्रेस नेताओं ने पहाड़ों को खोखला करने का काम किया, चाहे संवासा और कालवान के पहाड़ हों या फिर टाउनहॉल के पीछे की पहाड़ी। यहां भाजपा का एक भी नेता जमीनों पर कब्जे नहीं करता। लेकिन प्रशासन सरकारी जमीन से अवैध कब्जे को हटाने जाता है तो यहां का क्षेत्रीय विधायक रूकवाने पहुंच जाता है, उसे क्या जरूरत थी। वे मीणा हाईकोर्ट को बुलडोजर से तुड़वाना चाहते हैं
मंत्री किरोड़ी ने कहा- जिला अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर के उद्घाटन कार्यक्रम में हमने सम्मान से दीनदयाल बैरवा का स्वागत करवाया था, पत्थर पर उनका नाम भी लिखवाया था। तब मैंने कहा था कि चुनाव में हार-जीत हो गई, अब आप सबके विधायक हो। हमको मिलकर चलना है और दौसा का विकास करना है। लेकिन वे(दीनदयाल बैरवा) मीणा हाईकोर्ट को बुलडोजर से तुड़वाना चाहते हैं और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाली कॉलोनी में पहुंच गए। महिला पटवारी को धमका रहे हैं, ऐसा नहीं चलने वाला। हमनें सांसद को कभी जनसुनवाई से नहीं रोका
मंत्री ने कहा कि सांसद मुरारी लाल मीणा ने डाक बंगले में 5 साल तक जनसुनवाई की, हमने तो कभी आपत्ति नहीं की। लेकिन सरकार की योजनाओं को पोस्टर फाड़ना, गेट पर लात मारना यह पूरी तरह अमर्यादित है, ऐसा नहीं होना चाहिए था। हमने तो पंडित नवल किशोर शर्मा और राजेश पायलट सब का सम्मान किया है। इनकी जैसे हरकतें नहीं की। अगर हमारे कार्यकर्ता भी जवाब देंगे, तो यह ठीक नहीं होगा। जनता की सेवा करने वाला व्यक्ति भूमाफियाओं से मिल गया
कृषि मंत्री ने कहा- हमारा मन और स्वभाव क्लियर कट है, कि सब मिलजुल कर काम करें और कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलें। इसके कारण किसी प्रकार का मनमुटाव, खींचाई और तनाव नहीं हो। यहां सांसद और विधायक को भी कार्यक्रम में बुलाया था, लेकिन दोनों का नहीं आना यह दर्शाता है कि वह जिले के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग नहीं देना चाहते। इतने बड़े कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों को जरूर आना चाहिए। मुझे इस बात का दुख है कि कुछ जनप्रतिनिधि तनाव बढ़ाने और जातीय विद्वेष फैलाने का काम करते हैं, यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। नेम प्लेट पर नाम के लिए लड़ रहे
कृषि मंत्री ने कहा- पंडित नवल किशोर शर्मा, रामकरण जोशी और राजेश पायलट जैसे नेताओं ने सबको साथ लेकर इलाके को आगे बढ़ने का काम किया था। राजनीति अपनी जगह अलग है, वर्तमान जनप्रतिनिधि मिलजुल कर चलें, कंधे से कंधा मिलाकर चलें। लेकिन खींचतान को जनता के बीच लेकर आने से परिणाम ठीक नहीं होते। इतने बड़े भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के नहीं आने पर जिला प्रशासन से कहूंगा कि इस पर गंभीरता से विचार करना पड़ेगा। वो केवल इसीलिए लड़ रहे हैं कि नेम प्लेट में हमारा नाम नहीं होगा, लेकिन आकर तो देखो दीनदयाल बैरवा सबका नाम लिखा हुआ है। केवल राजनीति करना ही काफी नहीं है, कार्यक्रम में भी आना चाहिए था। कांग्रेस के नेता SIR और अरावली बचाने को मुद्दा बना रहे हैं, लेकिन 60 साल में अरावली को खोखला करने का काम कांग्रेस के लोगों ने ही किया है। एक इंच जमीन पर कब्जा किया हो तो राजनीति छोड़ दूंगा
हमने यहां 10 बीघा में एक ऐसी जगह बना दी, जिसे मीणा हाईकोर्ट के नाम से जाना जाता है। वहां प्रधानमंत्री आए, तब सबसे बड़ी सभा हुई थी। पिछली सरकार के वक्त अशोक गहलोत का मेरे पास फोन आया और भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी का कार्यक्रम करने की बात कही तो मैंने कहा था कि यह किसी एक जाति-धर्म के लिए नहीं, सबके लिए है। इसके बावजूद कांग्रेस के नेता विधानसभा में सवाल लगाकर हमको लांछित करना चाहते हैं। जयपुर मेट्रो से दौसा को जोड़ने का प्रयास करेंगे
इस पर व्यक्तिगत रूप से कहना चाहता हूं कि किसी की एक इंच जमीन भी कब्जा की हो तो राजनीति छोड़ दूंगा। सवाल करने से कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है, लेकिन इससे भाईचारा, सामाजिक सद्भाव और विकास कार्यों पर फर्क पड़ेगा, लेकिन भजनलाल सरकार विकास कार्यों में दौसा को आगे लेकर जाएगी। यदि यहां की जनता किसी के बहकावे में नहीं आई तो 10 गुना विकास करके दौसा को सुंदरतम शहर बनाएंगे। इसे जयपुर मेट्रो से जोड़ने के भी प्रयास किए जाएंगे। ……………. ये खबर भी पढ़िए… विधायक से महिला पटवारी ने कहा-आप धमकी दे रहे हो:दिक्कत है तो ट्रांसफर करवा देना, डीडी बैरवा बोले- गरीबों को परेशान मत करो तहसीलदार से विवाद के बाद अब दौसा विधायक डीडी बैरवा का महिला पटवारी से बहस करने का ऑडियो सामने आया है। पूरी खबर पढ़िए कांग्रेस विधायक से तहसीलदार बोले- फालतू बात नहीं,गलत हो जाएगा:जमीन सरकारी, मुझे आदेश कौन देगा; अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई रुकवाने पहुंचे थे बैरवा दौसा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान कांग्रेस विधायक और तहसीलदार भिड़ गए। विधायक दीनदयाल बैरवा ने आदेश मांगे तो तहसीलदार ने कहा- सरकारी जमीन का मालिक मैं खुद हूं, मुझे कौन आदेश देगा। पूरी खबर पढ़िए
