भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने डिप्टी सीएम और उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा को विधानसभा में घेरने का प्रयास किया। सराफ ने पूरक सवाल करते हुए बैरवा से कहा- दो साल हो गए नियामक आयोग कब तक बनाओगे। दो साल से प्रक्रियाधीन है और कितने साल लगेंगे, तारीख तो बताओ। सराफ ने निजी विश्विद्यालयों पर नियंत्रण के लिए नियामक आयोग बनाने में देरी के मामले में यह शुक्रवार को राजस्थान विधानसभा में कहा। कालीचरण सराफ के सवाल के जवाब में प्रेमचंद बैरवा ने कहा- निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण के लिए नियामक आयोग बनाने का प्रस्ताव नीतिगत निर्णय का हिस्सा है। इसका प्रारूप तैयार कर जल्दी भिजवाया जाएगा। यह नीतिगत निर्णय है। विधि विभाग में भेजने के बाद कैबिनेट में जाएगा। फिर फैसला होगा, हम जल्दी कर देंगे। सराफ ने फिर कहा कि दो साल हो गए हैं, फिर कब तक करोगे? बैरवा और नेता प्रतिपक्ष के बीच नोकझोंक
वहीं निजी विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण के लिए नियामक आयोग बनाने के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष और डिप्टी सीएम बैरवा के बीच नोकझोंक हो गई। नेता प्रतिपक्ष ने जब सवाल उठाया तो बैरवा ने कहा- वर्ष 2015 में वसुंधरा सरकार के समय जोधपुर राष्ट्रीय विश्वविद्यालय जोधपुर को फर्जी डिग्रियों के मामले में कार्रवाई की। आपने अपने राज में 5 साल में एक भी यूनिवर्सिटी की जांच करवाई हो तो बताइए? हमने 10 यूनिवर्सिटी की जांच कराई है। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई की है। आप कुछ करते नहीं हो। हमने किया है। हमने करके दिखाया है। 10 निजी विश्वविद्यालयों के खिलाफ गड़बड़ियों की शिकायत के बाद जांच
कालीचरण सराफ के सवाल के जवाब में बैरवा ने कहा- प्रदेश में कुल 53 निजी विश्वविद्यालय हैं। प्रदेश के 10 निजी विश्वविद्यालयों के खिलाफ गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने के बाद इनकी जांच के आदेश दिए गए हैं। इनमें ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू, सिंघानिया विश्वविद्यालय झुंझुनूं, सनराइज विश्वविद्यालय अलवर, श्रीधर विश्वविद्यालय झुंझुनूं, मेवाड़ विश्वविद्यालय चित्तौड़गढ़, माधव विश्वविद्यालय सिरोही, रैफल्स विश्वविद्यालय अलवर, निर्वाण विश्वविद्यालय जयपुर, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी जयपुर और जगदीश झाबरमल टिबरेवाला विश्वविद्यालय झुंझुनूं के खिलाफ जांच के आदेश दिए गए। पीटीआई भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी में शामिल निजी विश्वविद्यालयों के खिलाफ जांच
विभाग ने ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू, माधव विश्वविद्यालय सिरोही, जगदीश झाबरमल टिबरेवाला विश्वविद्यालय झुंझुनूं, सिंघानिया विश्वविद्यालय झुंझुनूं, भूपाल नोबल विश्वविद्यालय उदयपुर के खिलाफ पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में अनियमितताएं पाए जाने पर इनकी जांच एसओजी से कराने का फैसला किया है। इसके लिए एसओजी को लेटर भेजा गया। ओपीजेएस विश्वविद्यालय चूरू में संभागीय आयुक्त बीकानेर को प्रशासक नियुक्त किया गया है।
