उदयपुर। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है। आधुनिक चिकित्सा में एआई के उपयोग से बीमारियों की शुरुआती पहचान, सटीक निदान और तेज उपचार संभव हो रहा है। इसी क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. विश्वास बाहेती का नाम गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है।
डॉ. बाहेती ने स्वास्थ्य सेवा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर आधारित एक लाइव स्ट्रीम में भाग लिया, जिसे यूट्यूब पर सबसे अधिक 17,999 दर्शकों ने देखा। इस उपलब्धि के लिए राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान बोर्ड (NBEMS) और डॉ. अभिजात सेठ एवं डॉक्टर विश्वास बाहेती सहित सभी दर्शकों का नाम 25 फरवरी को दिल्ली में गिनीज बुक में दर्ज हुआ ।
डॉ. बाहेती ने बताया कि एआई तकनीक एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी रिपोर्ट्स का तेजी से विश्लेषण कर डॉक्टरों को सही निर्णय लेने में मदद करती है। इससे कैंसर, हृदय और न्यूरोलॉजिकल बीमारियों का समय रहते पता लगने से इलाज की सफलता दर बढ़ रही है।
यह उपलब्धि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित एआई आधारित लाइव स्ट्रीम के दौरान मिली, जिसमें हजारों दर्शकों ने भाग लिया। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज द्वारा संचालित इस पहल में एआई के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
एआई आधारित उपकरण मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखते हैं, जिससे उपचार अधिक प्रभावी बनता है। साथ ही टेलीमेडिसिन के जरिए दूरदराज क्षेत्रों में भी मरीज विशेषज्ञ डॉक्टरों से आसानी से जुड़ पा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में एआई हेल्थकेयर में और बड़े बदलाव लाएगा।
