अरब सागर में बने चक्रवात का असर राजस्थान में बुधवार को तीसरे दिन भी रहा। दक्षिण, दक्षिण-पूर्वी क्षेत्र के सभी जिलों में बादल छाए रहे। कुछ जगहों पर बूंदाबांदी हुई। बादल छाने, हवा चलने और हल्की बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट रही। सिरोही में बुधवार को सबसे ठंडा दिन रहा, जहां अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस सिस्टम का असर 31 अक्टूबर को भी रहेगा। गुरुवार को 13 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। 31 अक्टूबर दोपहर बाद प्रदेश में मौसम शुष्क होगा और आसमान साफ होने लगेगा। पिछले 24 घंटे के दौरान जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और जोधपुर संभाग में सिस्टम का असर दिखा। इस मौसम के बीच कई शहरों में हल्की सर्द हवा चली। बीसलपुर बांध से पानी की निकासी बढ़ाई टोंक जिले में स्थित बीसलपुर बांध में पानी की आवक बढ़ने से बांध से पानी निकासी बढ़ा दी है। पानी की निकासी से बनास नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। एक रपट डूबने से रास्ता भी बंद हो गया है। बीसलपुर बांध परियोजना के XEN मनीष बंसल, जेईएन दिनेश बैरवा ने बताया- मंगलवार रात करीब 8 बजे गेट को आधा मीटर से बढ़ाकर 2 मीटर तक खोल दिया है। यह पहली बार है जब गेट बंद करने के बाद एक सीजन में दूसरी बार गेट खोलने पड़े हैं। 28 अक्टूबर को हुई थी प्रदेशभर में बारिश
इससे पहले मंगलवार (28 अक्टूबर) को भी प्रदेश में अच्छी बारिश हुई थी। 1 से लेकर 5 इंच तक पानी बरसा था। इसके कारण कई बरसाती नदियां फिर से बहने लगी थी। बांध, तालाबों, झीलों से पानी छोड़ना पड़ा था। दिनभर बादल छाए रहने, बारिश होने से मौसम भी अचानक ठंडा हो गया था। जयपुर, अजमेर, बीकानेर, भरतपुर, उदयपुर और कोटा संभाग के जिलों में मंगलवार दोपहर बाद हल्की शीतलहर चलने लगी। इन संभागों के अधिकांश जिलों में दिन का अधिकतम तापमान 20 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज हुआ।
