भारत रत्न लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर कोटा में कई कार्यक्रम होंगे। निजी होटल में शिक्षामंत्री मदन दिलावर, ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर, शहर अध्यक्ष राकेश जैन, देहात अध्यक्ष प्रेम गोचर सहित अन्य पदाधिकारी ने यूनिटी मार्च के पोस्टर का विमोचन किया। मीडिया से बातचीत में शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर नें कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल से अन्याय नहीं हुआ होता तो वे भारत के पहले प्रधानमंत्री होते। उस समय कांग्रेस की कार्यकारिणी के अधिकतर सदस्य सरदार वल्लभभाई पटेल के पक्ष में थे। लेकिन जवाहरलाल नेहरू की हठधर्मिता के कारण गांधी जी ने उनको राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं बनने दिया। जब पटेल के प्रधानमंत्री बनने की बारी आई तो जवाहरलाल नेहरू ने कहा कि मैं किसी के अधीनस्थ होकर काम नहीं करूंगा। उस समय क्या परिस्थितियों रही होगी कि उनको उनके कदम पीछे खींचने पड़े। जिसके कारण वह देश के प्रधानमंत्री बनने से वंचित रह गए। यदि सरदार पटेल देश के प्रधानमंत्री होते तो देश की और अच्छी स्थिति होती। उन्होने कहा कि देश की आजादी के बाद 600 से ज्यादा रियासतों का विलय भारत में पटेल की ही देन थी।
दिलावर ने कहा कि आज जो भारत हमें अखंड स्वरूप में दिखाई देता है, उसका श्रेय सरदार पटेल की दूरदर्शिता और राजनीतिक सूझबूझ को जाता है। आज का भारत जिस रूप में एकजुट है, वह सरदार पटेल की राष्ट्रीय एकता की नींव का ही परिणाम है। ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि-
आज का संगठित भारत सरदार पटेल के महान परिश्रम का ही फल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर पटेल की विराट प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का निर्माण कर उन्हे सम्मान देनें का काम किया गया । जो कि 182 मीटर ऊँची है। आज यह विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा के रूप में भारत की एकता और सामर्थ्य का प्रतीक बन चुकी है।
उन्होने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान योद्धा, प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल का नाम भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और प्रशासनिक स्थिरता की नींव रखी। शहर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने बताया कि-
लौह पुरूष सरदार पटेल की 150 वी जयंती पर आयोजित यूनिटी मार्च कार्यक्रम में कोटा शहर में 31 अक्टूबर से शुरू होकर संविधान दिवस 26 नवंबर तक चलेगा। इस दौरान पदयात्रा, रन फॉर यूनिटी, सांस्कृतिक, स्वास्थ्य जांच शिविर, जन जागरण और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। जैन ने बताया कि 31 अक्टूबर को गुजराती सभा भवन में सरदार पटेल की प्रतीमा पर पुष्पांजलि, 16 नवंबर को सुबह शहीद स्मारक से युनिट मार्च निकाला जाएगा।
