राजसमंद। राजसमंद विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी ने नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) शिखर सम्मेलन के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई विरोध-प्रदर्शन की घटना पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह शिखर सम्मेलन भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा, तकनीकी क्षमता और दूरदर्शी नेतृत्व का जीवंत प्रतीक था, जिसमें बीस से अधिक राष्ट्र प्रमुखों, 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों तथा विश्व की अग्रणी तकनीकी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने कहा कि जब पूरा विश्व भारत को एक सशक्त, तकनीकी-नेतृत्व करने वाले राष्ट्र के रूप में देख रहा था, उस ऐतिहासिक क्षण में शिखर सम्मेलन स्थल के भीतर जाकर इस प्रकार का नाटकीय प्रदर्शन करना न केवल अशोभनीय है, बल्कि यह राष्ट्रीय गरिमा के विरुद्ध एक गंभीर कृत्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको प्राप्त है, किंतु अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को ठेस पहुँचाना किसी भी दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है।
विधायक दीप्ति ने कहा कि कांग्रेसी शहजादे की यह मानसिकता किसी राजनीतिक विरोध से प्रेरित नहीं, बल्कि सत्ता न मिल पाने की गहरी हताशा और कुंठा का परिणाम है। माहेश्वरी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सत्ता-लिप्सा, सनातन विरोध की मानसिकता तथा विभाजनकारी विचारधाराओं के प्रति उसका आग्रह भारतीय लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।
