उदयपुर। पारस हेल्थ उदयपुर में एक 36 वर्षीय महिला की सफल ‘कीहोल सर्जरी’ की गई है। यह महिला फेफड़े के कैंसर से पीड़ित थी, जो उसके मस्तिष्क (ब्रेन) तक फैल गया था और वहां कई ट्यूमर बन गए थे। कैंसर के लिए कीमोथेरेपी चलने के बावजूद उसे लगातार सिरदर्द, उल्टी और ज्यादा नींद आने जैसी दिक्कतें हो रही थीं। एमआरआई (MRI) और पेट (PET) स्कैन से स्थिति का पता चलने पर, न्यूरोसर्जन डॉ. अजीत सिंह की टीम ने एडवांस्ड हाई-प्रिसिजन न्यूरोनेविगेशन तकनीक का इस्तेमाल कर इस जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया।
आम तौर पर ब्रेन के अलग-अलग हिस्सों में कई ट्यूमर होने पर बड़ा ऑपरेशन (क्रेनियोटॉमी) करना पड़ता है, जिसमें खतरा और साइड इफेक्ट्स बहुत ज्यादा होते हैं। लेकिन डॉक्टरों की टीम ने कम चीर-फाड़ वाली (मिनिमली इनवेसिव) तकनीक को चुना। सटीक नेविगेशन सिस्टम और पहले से की गई प्लानिंग की मदद से, डॉक्टरों ने छोटे चीरे के जरिए बड़े ट्यूमर का पता लगाया और उन्हें बाहर निकाला। इससे ब्रेन के स्वस्थ हिस्सों को कम से कम नुकसान पहुंचा। यह सर्जरी बहुत सुरक्षित रही, खून भी कम बहा और भविष्य की थेरेपी को आसान बनाने के लिए अंदर एक खास फाइबर रिज़र्वॉयर भी रखा गया है।
सर्जरी के बाद महिला की सेहत में काफी सुधार देखने को मिला है और उसे आगे के इलाज के लिए पूरे दिमाग की रेडियोथेरेपी करवाने की सलाह दी गई है। डॉ. अजीत सिंह ने बताया कि नई तकनीकों और सावधानी से की गई प्लानिंग के कारण अब ऐसी बीमारियों का सुरक्षित इलाज संभव है, जिन्हें पहले जानलेवा माना जाता था। उन्होंने कहा कि न्यूरोसर्जरी, ऑन्कोलॉजी और रेडियोलॉजी टीमों के अच्छे तालमेल से कैंसर के मरीजों की तकलीफ को कम किया जा सकता है और उनके जीवन को बेहतर बनाया जा सकता है।
