अचलनाथ का ‘स्वर्ण-रजत’ श्रृंगार : तीन सदियों की आस्था अब अगले 300 वर्षों के लिए तैयार - Mewar App

अचलनाथ का ‘स्वर्ण-रजत’ श्रृंगार : तीन सदियों की आस्था अब अगले 300 वर्षों के लिए तैयार

ग्वालियर. अचलेश्वर महादेव मंदिर ग्वालियर-चंबल संभाग की आस्था का प्रमुख केंद्र है। वैसे तो बाबा अचलनाथ के इस प्रमुख मंदिर का कोई प्रामाणिक इतिहास मौजूद नहीं है, फिर भी करीब तीन शताब्दियों का साक्षी ये मंदिर स्वयं भू है और ऐसा कहा जाता है कि सडक़ के बीच निकली बाबा की इस पिंडी को हाथी भी नहीं हटा पाए थे। पिछले कुछ समय से पुरानी आस्था को नई मजबूती देने का काम लगातार जारी है। यानी अब इस शिवालय को आधुनिक इंजीनियरिंग से संवारा जा रहा है। अचलेश्वर मंदिर का यह स्वर्ण-रजत युग इस बात का प्रमाण है कि आस्था समय के साथ धुंधली नहीं होती, बल्कि और अधिक चमकदार होकर उभरती है। अब बाबा अचलनाथ की कृपा अगले तीन सौ वर्षों तक नई पीढ़ी को भक्ति की छांव प्रदान करती रहेगी।