पाली में सड़क हादसे में पति-पत्नी की मौत के बाद उनका एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया। हादसे में अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार पति की मौके पर ही मौत हो गई थी। पत्नी ने हॉस्पिटल से इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इधर माता-पिता की मौत से बेखबर 14 साल की बेटी हॉस्पिटल में जिंदा रहने के लिए जंग लड़ रही है। वह अपने माता-पिता के अंतिम दर्शन तक नहीं कर सकी। पति की मौके पर ही हो गई थी मौत
दरअसल 28 अक्टूबर की दोपहर को बाइक से पाली शहर के रावत नगर निवासी 45 साल के बलवंत सिंह रावत, उनकी 40 साल की पत्नी डालीदेवी और बेटी सुमित्रा पाली की तरफ आ रहे थे। इस दौरान चंडावल नगर थाना क्षेत्र में हाईवे पर खोखरा गांव के निकट अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बलवंत सिंह की मौके पर ही मौत हो गई और गंभीर घायल डालीदेवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। बेटी सुमित्रा का जोधपुर के MDM हॉस्पिटल में इलाज जारी है। बेटे ने दी माता-पिता को मुखाग्नि
पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के बाद 29 अक्टूबर को पति-पत्नी के शव परिजनों को सौंपे। जिनका गमगीन माहौल में बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। बेटे सुरेन्द्र सिंह ने दोनों को मुखाग्नि दी। इधर बेटी सुमित्रा हॉस्पिटल में भर्ती है। वह अपने माता-पिता के अंतिम दर्शन तक नहीं कर पाई। धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे गांव
गुमानसिंह रावत ने बताया कि बलवंत सिंह रावत अपने पत्नी और बेटी के साथ 27 अक्टूबर को ब्यावर के पास स्थित अपने गांव बदनोर गये थे। जहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेकर बाइक से वापस पाली की तरफ आ रहे थे। इस दौरान हाईवे पर खोखरा गांव के निकट हादसा हो गया।
बलवंत सिंह और उनकी पत्नी साड़ी फॉल लगाने का काम करते थे। पाली में उनके घर पर उनका बेटा सुरेन्द्र सिंह और उसकी पत्नी थे। इस हादसे ने उन्हें तोड़कर रख दिया। सुरेन्द्र को यकीन नहीं हो रहा कि उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं रहे।
