केंद्रीय मंत्री बोले-मैं पहले सोचता था, पीटीआई करते क्या हैं?:कहा-पॉजिटिविटी का नाम खेल है, ये हमें निराश नहीं होने देते; हार के बाद फिर जुट जाते हैं - Mewar App

केंद्रीय मंत्री बोले-मैं पहले सोचता था, पीटीआई करते क्या हैं?:कहा-पॉजिटिविटी का नाम खेल है, ये हमें निराश नहीं होने देते; हार के बाद फिर जुट जाते हैं

राजनीति तो आपस में कई बार विकास को रोकने का काम करती है। मैं कल्पना भी नहीं कर सकता कि सरकारी स्कूलों में सबसे अच्छे पीटीआई होते हैं। मैं पहले समझता था कि स्कूलों में पीटीआई करते क्या हैं। कई लोगों को मेरी ये बात हजम नहीं होगी। जिंदगी में खेल एक ऐसी चीज है जो हमें निराश नहीं होने देते। जब हम एक मैच हारते हैं तो अगले मैच की तैयारी में फिर से जुट जाते हैं। इसलिए पॉजिटिविटी का नाम खेल है। खेल एक कल्चर भी है। खेल में किसी की जाति नहीं पूछते, कौन ऊंचा है और कौन नीचा है यह नहीं पूछा जाता। खेल में कोई भी किसी को हरा सकता है। यह बात अलवर में सांसद खेल उत्सव में पहुंचे केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कही। सांसद खेल उत्सव का आयोजन अलवर के राज ऋषि कॉलेज ग्राउंड में हो रहा है। इस उत्सव में 50 हजार खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। उत्सव के दौरान क्रिकेट, वॉलीबॉल, खो-खो, रस्सा-कसी, गोला फेंक, बैडमिंटन बॉक्सिंग, कबड्डी समेत 14 गेमों का आयोजन हो रहा है। मंत्री ने लगान मूवी का उदाहरण भी दिया। कहा कि नंगे पैर मैच खेलकर हमारे देश के खिलाड़ियों ने मैच जीत लिया। उन्होंने कहा कि पहले अंग्रेजों के खेल स्टेडियम होते थे और सन 1911 में एक रियल मैच हुआ था, जिसमें अंग्रेज खिलाड़ी जूतों में खेले और हमारे खिलाड़ी नंगे पैर, लेकिन उस मैच में हमारी टीम की जीत हुई थी, उस समय पहली बार यह कहा गया कि हम किसी को भी हरा सकते हैं। माहौल बनाना पड़ता है उन्होंने कहा कि देश जब उपलब्धि हासिल करता है, तो सिर्फ खेलों में ही नहीं, बल्कि साहित्य, विज्ञान समेत हर चीज में करता है। लेकिन उसका माहौल बनाना पड़ता है। राजनीति तो आपस में कई बार विकास को रोकने का काम करती है। लेकिन जब खेल और प्रयोगशालाएं आगे आती हैं तो उससे देश का भविष्य बनता है। प्रधानमंत्री का यह आह्वान देश को गढ़ने वाला है। मंत्री ने कहा कि मैं तारीफ करना चाहूंगा, मैं कल्पना नहीं कर सकता कि सरकारी स्कूलों में सबसे अच्छे पीटीआई होते हैं। कई लोगों को मेरी ये बात हजम नहीं होगी। मैं समझता था कि पीटीआई करते क्या हैं, लेकिन खेल उत्सव में मैंने पहली बार देखा है कि स्कूल टीम लाते हैं। सरकारी और प्राइवेट स्कूल के बीच की दीवार को कोई तोड़ सकता है, तो वह खेल का मैदान है। उन्होंने कहा कि इस बार 8 फरवरी को इंटरनेशनल टाइगर मैराथन करने जा रहे हैं और इस बार सुबह मैराथन होगी तथा दिन में हम एक लिटरेरी फेस्टिवल भी करेंगे ताकि दोनों चीज़ें साथ-साथ हो सकें और उसी दिन एक एजुकेशन फेयर भी करेंगे। इसके बाद केंद्रीय मंत्री, राज्य मंत्री संजय शर्मा और जिला कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने ताली बजाकर 100 मीटर रेस करवाई। वॉलीबॉल ग्राउंड में बच्चों से मुलाकात की और फिर दूसरे कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।