नरेश मीणा ने हाथ जोड़कर प्रत्याशी को दी धमकी:तेल लूटने की मची होड़; सांसद से विधायक बने नेताजी की खरी-खरी - Mewar App

नरेश मीणा ने हाथ जोड़कर प्रत्याशी को दी धमकी:तेल लूटने की मची होड़; सांसद से विधायक बने नेताजी की खरी-खरी

नमस्कार मौसम ठंडा होने लगा है लेकिन राजस्थान में चुनावी गर्मी बढ़ रही है। नेताजी ने हाथ जोड़कर अपने प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी को जोरदार धमकी दे डाली। इधर सस्पेंड होने के बाद पटवारी ने मदिरापान किया और विधायक महोदय को फोन लगा दिया। धौलपुर में सरसों के तेल का टैंकर पलट गया। लोग पानी से तेल निचोड़कर ले गए। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में… 1. नेताजी ने हाथ जोड़कर दी धमकी नेताजी को तैश बड़ी जल्दी आ जाता है। वे खुद को भगत सिंह का अनुगामी बताते हैं। लिहाजा सूली पर चढ़ने को तत्पर रहते हैं। अंता से निर्दलीय उपचुनाव लड़ रहे हैं। एसडीएम को थप्पड़ मारकर वे लाइम लाइट में आए थे। तब से ‘जंजीर’ के अमिताभ बच्चन बने हुए हैं। उनके चाहने वालों को यह अवतार पसंद भी आता है। उन्हें भी लगता है कि इसी अवतार से नैया पार हो जाएगी। उनका ताजा वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने हाथ जोड़कर प्रतिद्वंदी को धमकी दी। डॉक्टरी भाषा में कहा-तेरा ऐसा इलाज कर दूंगा कि 3 पीढ़ियां चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। नेताजी का कहना है कि प्रतिद्वंद्वी के गुंडे उनके नाम से लोगों को धमका रहे हैं। हालांकि चुनाव प्रचार के दौरान नेताजी ने सवाल पूछने पर एक युवक के मुंह में माइक लगभग घुसा ही दिया था। बोले-इस चोर ने शराब पी रखी है। 2. पटवारी सस्पेंड, विधायक से मांगा जवाब वे बड़े भले आदमी हैं। पटवारी हैं। लेकिन पी लेते हैं तो होश नहीं रहता कि क्या कह रहे हैं और क्या कर रहे हैं। जब कोरोना चल रहा था और गाड़ियों का बिना परमिशन आना-जाना बंद था, तब उन्होंने अपने स्तर पर परिवहन का सर्टिफिकेट जारी कर दिया था। तब वे पहली बार सस्पेंड हुए थे। दूसरी बार उन्होंने महिला उपखंड अधिकारी को फोन पर कुछ ऐसे मैसेज कर डाले जो नहीं करने चाहिए थे। वे दूसरी बार सस्पेंड हो गए। तीसरी बार उन्हें पीते हुए देख लिया गया था। उनका भला चाहने वाले किसी ने वीडियो बनाया और कलेक्टर साहब को भेज दिया। यह उनके सस्पेंड होने की हैट्रिक थी। उन्होंने पीकर खुशी मनाई और विधायक महोदय को फोन लगा दिया। सीधा सवाल दागा- विधायक साहब, क्या आपने मुझे सस्पेंड कराया? विधायकजी ने तगड़ा एग्जांपल दिया। बोले-पीएम नरेंद्र मोदी ने मेरा टिकट काट दिया तो क्या मैं उनसे शिकायत करूंगा? तहसीलदार साहब तो इन पटवारी जी से इतने खौफ में कि नंबर ही ब्लॉक कर रखा है। फिर भी पटवारी जी ने वॉइस मैसेज छोड़ दिया- कल ऑफिस में आकर बात करता हूं। 3. बाबाजी ने डॉक्टरों को सुनाई खरी-खरी बाबाजी पहले सांसद थे। फिर विधायक बन गए। वे इस चीज को राजनीति में डिमोशन की तरह नहीं देखते। अपने काम में लगे रहते हैं। क्षेत्र में उन्होंने ‘मन की बात’ सुनी। आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान का प्रचार-प्रसार किया। लोगों को समझाया कि आत्मनिर्भर बनो। इलाके में एक सामुदायिक अस्पताल में नई मशीन का उद्घाटन करने बाबाजी को बुलाया गया। बाबाजी आ भी गए। डॉक्टर लोग गदगद। बाबाजी को आत्मनिर्भर अभियान याद आ गया। बोले- इस हॉस्पिटल में अलग-अलग स्पेशियलिटी के डॉक्टर हैं। ऑपरेशन थिएटर है तो यहां ऑपरेशन क्यों नहीं होते? सवाल पर सन्नाटा छा गया। बाबाजी ने जनहित की बात की- गरीब आदमी को प्राइवेट हॉस्पिटल में ऑपरेशन कराना महंगा पड़ता है। यही काम यहां हो तो गरीब का पैसा बचे। डॉक्टर एक दूसरे का मुंह देखने लगे। बाबाजी को सुन रहे श्रोताओं ने ताली बजाई। 4. चलते-चलते… शादी के कार्डों पर यह इबारत लिखने का चलन है- इतना ही लो थाली में, व्यर्थ न जाए नाली में। अब नई सुनो- अगर बह गया थाली से, निचोड़ लाएंगे नाली से। बात मजाक नहीं है। सच है। सरसों के तेल से भरा एक टैंकर रोड पर पलट गया। सारा तेल बहकर रोड किनारे भरे गंदे पानी में चला गया। लोगों को पता चला। वहां मजमा लग गया। सवाल ये कि सरसों का तेल पानी से कैसे निकालें? लोगों ने पानी में तौलिए डाल-डालकर तेल निचोड़ा और बाल्टियां भर ली। एक भाई ने तो सड़क, गड्‌ढा, मिट्‌टी, पानी और पलटा हुआ टैंकर कुछ नहीं छोड़ा, हर जगह से तेल निचोड़ लिया। भाई ने दो ड्रम भर लिए और टैम्पो से ले गया। ​​​​​ वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी…