शादी के कार्ड से वॉट्सऐप हैक, फोन-पे का पिन बदला:सावे आते ही साइबर ठग वेडिंग कार्ड भेज रहे; एक क्लिक से हैकर्स के कब्जे में स्मार्ट फोन - Mewar App

शादी के कार्ड से वॉट्सऐप हैक, फोन-पे का पिन बदला:सावे आते ही साइबर ठग वेडिंग कार्ड भेज रहे; एक क्लिक से हैकर्स के कब्जे में स्मार्ट फोन

महिला मंडल के एक ग्रुप में वेडिंग इन्विटेशन कार्ड आया। ग्रुप की 150 से ज्यादा महिलाओं ने इसे शादी का कार्ड समझ कर डाउनलोड कर लिया। इसके बाद एक के बाद एक करके किसी का वॉट्सऐप हैक हुआ तो किसी का अनइंस्टॉल हो गया। इतना ही नहीं साइबर ठगों ने बुजुर्गों को भी ऐसे लिंक भेजे जिसमें फोन के कॉलिंग फंक्शन के सिवाय कोई भी सिस्टम काम ही काम नहीं कर रहा था। ग्रुप में आए मैसेज को लेकर महिलाओं ने एक दूसरे को मैसेज और फोन कर इस फाइल को डाउनलोड नहीं करने को कहा। साथ ही बैंक में जाकर अपने अकाउंट को भी फ्रीज करवाया, ताकि साइबर ठग उनके रुपयों को न निकल सकें। साइबर एक्सपर्ट बताते हैं- शादी का सीजन शुरू होने से पहले साइबर ठग कार्ड भेज कर फोन में APK फाइल इनस्टॉल करवा रहे हैं। लोग 2 नवंबर से शुरू होने वाले सावों के कारण इस लिंक पर क्लिक भी कर रहे हैं। अपने ही परिचितों द्वारा भेजे इस लिंक को लोग भरोसा कर डाउनलोड कर रहे हैं। एक्सपर्ट ने बताते हैं- ऐसे मामलों में 90% चूक हमारी (यूजर्स) की ही होती है। हम जाने-अनजाने में ऐसे हैकर्स को अपना फोन कंट्रोल में लेने दे देते हैं। दैनिक भास्कर में पढ़िए शादी के सावों से पहले एक्टिव हुए साइबर ठगों की नई तरकीब… फ्रेंड के फोन से आया लिंक भीलवाड़ा में रहने वाली हाउसवाइफ ललिता खमेसरा ने बताया- दिवाली से पहले (16 नवंबर) उनके मोबाइल पर उनकी फ्रेंड के नंबर से शादी का इनविटेशन कार्ड का लिंक आया था। उन्होंने इस लिंक को क्लिक किया तो ये ओपन नहीं हुआ, इसके बाद वो सो गई। उसी रात करीब 3 बजे के आसपास उनके मोबाइल पर एक वॉट्सऐप कॉल आया। वे नींद में थीं तो ध्यान नहीं दिया। बैंक जाकर रुपए निकलवाए सुबह उठी तो उनके मोबाइल से उनका वॉट्सऐप अनइनस्टॉल हो चुका था। ललिता ने बताया- सुबह जब उन्होंने अपनी बेटी से इस बारे में बात की तो उसने तुरंत उनका फोन पे अकाउंट चेक किया। उनके फोन पे को भी हैक कर लिया गया था। उसके पिन भी चेंज कर दिए थे लेकिन एसबीआई बैंक सिक्योरिटी के चलते उसमे से रुपए नहीं ट्रांसफर हो पाए। उस समय उनके अकाउंट में डेढ़ लाख रुपए थे। उन्होंने तुरंत बैंक जाकर सारा कैश निकलवाया। ठगों ने वॉट्सऐप ग्रुप पर भेज दिए मैसेज ललिता खमेसरा ने बताया- कुछ देर बाद में उनकी दूसरी फ्रेंड के फोन आए जिन्होंने उन्हें बताया कि उनके मोबाइल नंबर से से ग्रुप में वॉट्सऐप पर लिंक आ रहा है। जिसमें शादी का इनविटेशन है। उन्होंने सभी को बताया की ऐसा कोई लिंक उन्होंने नहीं भेजा है ओर किसी भी ऐप पर क्लिक करने के लिए भी मना किया। इसके बाद उन्होंने पूरे फोन को फॉर्मेट किया तब जा कर APK लिंक फोन से रिमूव हुआ। महिलाओं ने फोन रिसेट कर हैकर्स से बचाया महिला मंडल ग्रुप की मेंबर रीना जैन ने बताया- मैं सुबह-सुबह अपने किचन में काम कर रही थी, इसी दौरान हमारे फ्रेंड्स के वॉट्सऐप ग्रुप में शादी का इनविटेशन लिंक आया। मुझे लगा ललिता जी ने किसी की किसी शादी का कार्ड भेजा है। मैं उस लिंक पर क्लिक करने वाली थी कि इसी बीच हमारे ग्रुप में मैसेज आ गया कि यह लिंक फर्जी है और इनके परिवार में कोई शादी नहीं है। ऐसे में सब को सूचना मिली और किसी ने भी उस लिंक पर क्लिक नहीं किया। ग्रुप की जिन-जिन मेंबर्स ने क्लिक किया उन्होंने अपना फोन रिसेट कर अपने अकाउंट को बचाया। डेढ़ घंटे तक ठगों के कब्जे में रहा फोन 29 अक्टूबर को भीलवाड़ा के ही अशोक जैन के पास भी ऐसा ही लिंक आया। उन्होंने बताया लिंक खोलते ही एक एपीके फाइल ने मेरे फोन में इंस्टॉल होने की परमिशन मांगी। मैंने वहीं इस प्रोसेस को रोक दिया, अपने बेटे को बुलाकर उसे फोन दिखाया तो पता लगा कि मेरा फोन हैक हो चुका है। करीब एक से डेढ़ घंटे के बाद फोन की सेटिंग को चेक करने के बाद में उस एपीके फाइल को फोन से अनइनस्टॉल किया। डेढ़ घंटे में फ़ोन पूरा साइबर ठगों के कब्जे में आ चुका था। मैं अपने फोन पर बेसिक सेटिंग और कॉलिंग के अलावा कोई और ऑप्शन यूज नहीं कर पा रहा था। एक्सपर्ट बोले- 90% मामलों में गलती हमारी साइबर एक्सपर्ट अंकुश सारस्वत ने बताया- 90% मामलों में हमारी चूक की वजह से साइबर अटैक होते हैं। कोई 10 परसेंट ही ऐसे मामले हैं जिसमें जबरन किसी यूजर के साथ साइबर ठगी की गई हो। अगर कभी गलती से भी ऐसा हो जाए तो सबसे पहले अपने फोन को बैंक से अनलिंक करें और इसके बाद साइबर थाने और बैंक में जाकर पूरा मामला बताएं। कैसे पहचानें मोबाइल हैक हो चुका है? आपके मोबाइल में कहीं ऐसा ऐप इंस्टॉल तो नहीं हो रखा। यह पता लगाने के लिए मोबाइल की सेटिंग में जाकर .apk, .exc, .pif, .shs, .vbs लिखकर सर्च करें। अगर आपके मोबाइल इस तरह के ऐप इंस्टॉल होंगे तो सर्च करने पर इनकी फाइल सामने आ जाएगी। उसे अनइंस्टॉल कर दें। आपके पास कोई भी अनजान लिंक आए तो उस पर न क्लिक करें और न शेयर करें। सावधानी ही साइबर फ्रॉड से बचाव है। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करना चाहिए या फिर वेबसाइट http://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए। साइबर ठगी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… साइबर ठग चीनी एप से रख रहे पुलिस पर नजर:हर एक्शन का मिल जाता है अलर्ट, 9 महीने में 300 करोड़ से ज्यादा ठगे भरतपुर मेवात में 30 सालों में बदला ठगी का पैटर्न:पेंसिल बनाने वाली कंपनी में नौकरी, ब्रांडेड कपड़ों पर भारी छूट; एक क्लिक से अकाउंट खाली किराए पर खाते लेकर 200 करोड़ का लेन-देन किया:मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ी, 30 मिनट में विदेश भेज देते हैं पैसा; 8 राज्यों में नेटवर्क