हर दिन 90 करोड़ कपों के सहारे बदल रहा अर्थतंत्र और व्यवहार - Mewar App

हर दिन 90 करोड़ कपों के सहारे बदल रहा अर्थतंत्र और व्यवहार

चाय अब पेय पदार्थ से आगे बढकऱ देश की सामाजिक संरचना, रोजगार व्यवस्था और बदलती उपभोक्ता संस्कृति का मजबूत संकेतक बन चुकी है। अनुमानित रूप से देश में प्रतिदिन करीब 90 करोड़ कप चाय की खपत एक ऐसे विशाल नेटवर्क को सक्रिय रखती है, जो खेतों से लेकर छोटे विक्रेताओं और बड़े ब्रांडों तक फैला हुआ है। सुबह की शुरुआत से लेकर देर रात तक चाय अब केवल थकान दूर करने का माध्यम नहीं, बल्कि बातचीत, नेटवर्किंग और निर्णयों का साझा मंच बनती दिखाई दे रही है। गौरतलब है कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चाय उत्पादक देश है और देश में उत्पादित लगभग 80 प्रतिशत चाय घरेलू बाजार में ही उपयोग होती है। यही वजह है कि भारतीय चाय बाजार उत्पादन आधारित मॉडल से अधिक उपभोग आधारित अर्थव्यवस्था का उदाहरण बन गया है। बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक इसकी मांग लगातार स्थिर बनी हुई है।