Ahmedabad. पेरोल पर छूटने के बाद 12 सालों से फरार चल रहे कैदी सतीश उर्फ भीखू रूपारेलिया को शहर क्राइम ब्रांच की टीम ने पकड़ा। पकड़ में नहीं आने के लिए वह अपने 85 वर्षीय बुजुर्ग पिता व सगी बहनों से अलग रहता था। साथ ही उनसे संपर्क भी नहीं करता था। उसने अपना नाम भी बदल लिया था। 1994 में शाहीबाग के नीलम होटल में हुई हत्या के मामले में पहले उसे फांसी की सजा सुनाई गई थी। बाद में हाईकोर्ट ने फांसी की सजा को उम्र कैद में बदल दिया था। यह सजायाफ्ता कैदी है वर्ष 2014 में पेरोल पर छूटने के बाद से फरार थे।
