सिरोही/उदयपुर। सिरोही में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में इंजेक्शन फेरस कार्बोक्सी माल्टोज़ (FCM) पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं में एनीमिया की रोकथाम, आधुनिक उपचार पद्धतियों और जनजागरूकता रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. दिनेश खराड़ी ने की और बताया कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया एक गंभीर समस्या है, जो मातृ एवं शिशु मृत्यु दर का प्रमुख कारण बनती है। उन्होंने कहा कि एफसीएम इंजेक्शन पारंपरिक आयरन थेरेपी की तुलना में अधिक प्रभावी और सुरक्षित है, जो शरीर में आयरन की कमी को तेजी से पूरा कर शीघ्र राहत देता है। वहीं डॉ. रितेश सांखला ने एफसीएम के उपयोग की विधि, खुराक और सुरक्षित प्रयोग से जुड़ी जानकारी दी। कार्यशाला में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के अधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। इस दौरान बताया गया कि 17 से 30 नवम्बर तक जिले में “पिंक पखवाड़ा” मनाया जाएगा, जिसमें एनीमिया की पहचान, हीमोग्लोबिन जांच, एफसीएम इंजेक्शन, आयरन-फोलिक एसिड वितरण और पोषण परामर्श जैसी गतिविधियाँ होंगी। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि “हर गर्भवती स्वस्थ, हर शिशु सुरक्षित” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास जारी रहेंगे।
गर्भवती महिलाओं में एनीमिया रोकथाम को लेकर सिरोही में एकदिवसीय कार्यशाला
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