उदयपुर। हिरणमगरी स्थित राजकीय सेटेलाइट चिकित्सालय को केंद्र सरकार के “लक्ष्य” कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय प्रमाणन प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि हासिल करने वाला उदयपुर का पहला राजकीय अस्पताल बना है। प्रमाणन के साथ केंद्र सरकार अस्पताल को तीन साल तक हर वर्ष छह लाख रुपये की राशि प्रदान करेगी, जिससे यहां की सुविधाओं को और उन्नत किया जाएगा।
विशेषज्ञों ने की थी समीक्षा, स्वच्छता और सेवाओं की सराहना
अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल जैन ने बताया कि 17 अक्टूबर को दिल्ली से आई विशेषज्ञ टीम ने अस्पताल का मूल्यांकन किया था। इस दौरान भवन संरचना, उपकरण, मानव संसाधन, गुणवत्ता प्रक्रियाओं और प्रसूति सेवाओं की जांच की गई। टीम ने स्वच्छता, लेबर रूम, जनाना वार्ड, ऑपरेशन थिएटर और प्रयोगशाला की कार्यकुशलता की सराहना की। चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और मरीजों के फीडबैक को भी रिपोर्ट में शामिल किया गया। प्रमाणन पत्र 2 नवंबर को जारी हुआ।
नवाचारों की सराहना, नई सेवाएं शुरू करने की तैयारी
ऑनलाइन क्यूआर कोड फीडबैक सिस्टम, शौचालय सफाई की क्यूआर आधारित निगरानी, सेतु रेफरल सिस्टम और रंग-कोड के अनुसार बेडशीट बदलने जैसी व्यवस्थाओं को तकनीकी नवाचार के रूप में सराहा गया। अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 3 से 5 प्रसव होते हैं। वर्तमान में स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुज शर्मा और डॉ. संगीता कार्यरत हैं। डॉ. जैन ने बताया कि केंद्र से प्राप्त राशि से अस्पताल में लेप्रोस्कोपिक सर्जरी जैसी नई सेवाएं शुरू की जाएंगी, ताकि मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार मिल सके।
